20 बेहद उपयोगी संक्षिप्त प्रश्न-उत्तर part3
● आर्थिक नियोजन किस सूची का विषय है? → समवर्ती सूची का
प्लास्टिक मनी क्या है? → क्रेडिट कार्ड
● राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान कहां है → हैदराबाद में
● भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर कौन हैं? → रघुराम राजन
● एशियाई विकास बैंक का मुख्यालय कहाँ स्थित है → मनीला (फिलीपींस)
बैंकिंग एवं वित्तीय सचेतना
1) भारत के करेंसी नोटों की डिज़ाइन में भविष्य में कुछ बदलाव करने के लिए वर्ष 2010 में गठित एक समिति द्वारा दी गई अपनी रिपोर्ट में मुख्यत: क्या सिफारिश की गई है? – भारत के करेंसी नोटों में महात्मा गाँधी के चित्र के अलावा किसी अन्य राष्ट्रीय राजनेता का चित्र नहीं छापा जाना चाहिए
विस्तार: वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा इस सम्बन्ध में 5 दिसम्बर 2014 को दी गई सूचना के अनुसार उक्त समिति ने स्पष्ट किया है कि भारत का कोई अन्य राजनेता भारत के जनमानस में वैसा प्रभाव डालने में सक्षम नहीं है जैसा महात्मा गाँधी का रहा है। इसलिए भविष्य में नोटों में चित्र सम्बन्धी कोई परिवर्तन नहीं किया जाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि इस समिति का गठन भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा अक्टूबर 2010 में किया गया था।
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2) भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने व्हाइट लेबल एटीएम (White Label ATM – WLA) संचालन करने वाले संचालकों और कम्पनियों को क्या राहत देने की घोषणा 5 दिसम्बर 2014 को की? – इस श्रेणी के एटीएम अब अंतर्राष्ट्रीय कार्ड स्वीकार कर पायेंगे तथा दूसरे बैंकों से भी कैश आपूर्ति प्राप्त कर पायेंगे
विस्तार: RBI ने इस श्रेणी के एटीएम में अंतर्राष्ट्रीय क्रेडिट/डेबिट/प्रीपेड कार्ड के प्रयोग की स्वीकृति प्रदान कर एक बड़ी राहत दी है। इसके तहत उन्हीं कार्डों का प्रयोग किया जा सकेगा जिन्हें पीएसएस कानून 2007 (PPS Act 2007) के अंतर्गत गठित कार्ड पेमेण्ट नेटवर्क के तहत जारी किया गया है। इसके लिए व्हाइट लेबल एटीएम संचालन कम्पनियों को शामिल कार्ड नेटवर्क के साथ तकनीकी कनेक्टिविटी स्थापित करने की सुनिश्चितता स्वयं करनी होगी। एक अन्य महत्वपूर्ण राहत में इन एटीएम संचालकों को यह राहत भी दी गई है कि वे अपने प्रायोजक बैंक (sponsor bank) के अलावा अन्य वाणिज्यिक बैंकों से अपने एटीएम में रखने के लिए नकदी प्राप्त कर सकेंगे। इससे इन्हें एक नकदी आपूर्तिकर्ता पर निर्भर होने की समस्या से राहत मिलेगी।
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3) वह कौन सा बैंक है जिसने भारत का पहला अपना आर्थिक सूचकांक (इकोनॉमिक इण्डेक्स – economic index) तैयार किया है जोकि HSBC इण्डिया सर्विसेज़ के पर्चेज़िंग मैनेजर्स इण्डेक्स (PMI) और HSBC इण्डिया मैन्यूफैक्चरिंग PMI की भांति तमाम आर्थिक संकेतकों की जानकारी प्रदान करेगा? – भारतीय स्टेट बैंक (SBI)
विस्तार: भारतीय स्टेट बैंक ने “एसबीआई कम्पोज़िट इण्डेक्स” (‘SBI Composite Index’) के नाम से देश का पहला विस्तृत आर्थिक सूचकांक तैयार किया है। इसे जनवरी 2015 में जारी किया जायेगा। इसके तहत मासिक और वार्षिक दोनों प्रकार के सूचक (indices) जारी किए जायेंगे। लघु-कालिक सूचक को प्रत्येक माह के प्रथम सप्ताह में जारी किया जायेगा तथा इसमें मुख्य रूप से भारत की अर्थव्यवस्था के अगले दो महीनों के बारे में भविष्यवाणी की जायेगी। वहीं वार्षिक सूचकांक में प्रत्येक वर्ष के बारे में भविष्यवाणी की जायेगी। उल्लेखनीय है कि SBI इस सूचकांक को पिछले कई वर्षों से तैयार करने में लगा है और वर्ष 2007 से 2014 के बीच आठ वर्षों तक इसका वास्तविक परीक्षण किया गया। इस परीक्षणों में इस सूचकांक ने 72% बार देश की अर्थव्यवस्था की दिशा के बिल्कुल सही संकेत प्रदान किए। इस सूचकांक में अर्थव्यवस्था के तमाम कारकों को शामिल किया गया है जैसे ऋण मांग, उपभोक्ता व्यय, खनन गतिविधियां, ब्याज दर, मुद्रास्फीति, विनिमय दर, इत्यादि। इसके अलावा इसमें अन्य विषयक सूचकों (thematic indices) व देश के सेवा क्षेत्र व मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र की गतिविधियों पर नज़र रखकर भविष्य के बारे में संकेतक जारी किए जायेंगे। इसका प्रयोग अर्थव्यवस्था में शामिल हर अवयव जैसे उद्योग जगत, बैंक, वित्तीय कम्पनियां, ऋणदाता, निर्यातक, नीति निर्धारक आदि कर सकेंगे।
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4) एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में नवम्बर 2014 के दौरान भारत में थोक मूल्यों (WPI) पर आधारित मुद्रास्फीति सूचकांक की दर शून्य प्रतिशत के स्तर पर आ गई। इससे पहले कब थोक मूल्यों पर आधारित मुद्रास्फीति शून्य अथवा इसे कम के स्तर पर आई थी? – जुलाई 2009 में
विस्तार: उल्लेखनीय है कि यह संभवत: पहला मौका है जब थोक मूल्य पर आधारित मुद्रास्फीति किसी माह में ठीक शून्य% दर्ज की गई है। इससे पहले मुद्रास्फीति की इतनी कम दर जुलाई 2009 में दर्ज की गई थी जब ये शून्य से भी 0.3% कम के स्तर पर पहुँच गई थी। इसका अर्थ हुआ कि नवम्बर 2014 में दर्ज यह मुद्रास्फीति दर पिछले लगभग साढे पाँच साल की न्यूनतम दर है। इस कमी का मुख्य कारण खाद्य पदार्थों, ईंधन और कुछ निर्मित उत्पादों के मूल्य में कमी आना है।
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5) काले धन के मुद्दे पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा न्यायमूर्ति एम.बी.शाह (Justice M.B. Shah) के नेतृत्व में गठित विशेष जाँच दल (SIT) ने अधिक मूल्य की खरीददारी के संदर्भ में क्या अहम सिफारिश की है? – 1 लाख रुपए तथा इससे अधिक की खरीददारी के लिए पैन (PAN) नम्बर अंकित करना तथा निवास प्रमाण के लिए आधार (Aadhaar) जैसे किसी विकल्प को अनिवार्य बनाया जाना चाहिए
विस्तार: विशेष जाँच दल ने अपनी सिफारिश में कहा कि 1 लाख अथवा इससे अधिक की खरीददारी, चाहे नकद में की गई हो अथवा उधार पर, वित्तीय रिकॉर्ड के लिए पैन तथा निवास प्रमाणन के लिए आधार जैसे दस्तावेज का प्रयोग किया जाना चाहिए। इसके अलावा उसने यह सिफारिश भी की कि एक केन्द्रीय केवाईसी डेटाबेस (Central KYC Database) को स्थापित किया जाना चाहिए जिसमें खरीददारी/लेन-देन के समय उल्लिखित किए जाने पैन, पासपोर्ट या ड्राइविंग न. जैसे तथ्यों का रिकॉर्ड रखा जा सके। इस जाँच दल की अन्य महत्वपूर्ण सिफारिश है कि नकदी रखने की सीमा को 10 अथवा 15 लाख तक तय किया जाना चाहिए तथा इससे अधिक पाई जाने वाली राशि को जब्त कर लिया जाना चाहिए।
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6) लोकसभा ने 9 दिसम्बर 2014 को भुगतान एवं निपटान प्रणाली (संशोधन) विधेयक (Payments and Settlement Systems (Amendment) Bill) को पारित कर दिया। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य क्या है? – भारत की बैंकिंग भुगतान प्रणाली को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की ऐसी ही प्रणालियों के बराबर लाना
विस्तार: इस विधेयक के द्वारा भारतीय वित्तीय बाजार में अधिक पारदर्शिता और स्थायित्व लाकर भुगतान (Payments) एवं निपटान (Settlement) प्रणाली को सुधारने का मार्ग प्रशस्त किया जायेगा। यह संशोधन विधेयक भुगतान एवं निपटान प्रणाली कानून, 2007 (Payment and Settlement Systems Act, 2007) में संशोधन करने के लिए तैयार किया गया है। विधेयक के द्वारा ग्राहकों से एकत्र धन को अधिक सुरक्षित रखने की कोशिश की गई है। इसी के साथ ट्रेड रिपॉज़िटरी (trade repository) सेवाओं को भी उक्त कानून का हिस्सा बनाने का उल्लेख विधेयक में किया गया है। उल्लेखनीय है कि पिछले काफी समय से माना जा रहा था कि भारत के तमाम वित्तीय कानून आज के परिप्रेक्ष्य में बेकार हो गएं हैं और इनको या तो समाप्त कर दिया जाय अथवा इनमें आवश्यक बदलाव कर दिए जाएं।
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7) एक महत्वपूर्ण फैसले में केन्द्र सरकार ने निर्णय लिया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत की जाने वाली केरोसीन (Kerosene) की आपूर्ति को कम किया जायेगा। सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के तहत अब सब्सिडी वाले केरोसीन तेल की आपूर्ति सिर्फ एक श्रेणी के परिवारों को की जायेगी। यह श्रेणी कौन सी है? – वे परिवार जहाँ बिजली का कनेक्शन नहीं है
विस्तार: वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा संसद को दिए गए बयान के अनुसार सरकार ने निर्णय लिया है कि अब से सब्सिडी वाले केरोसीन (मिट्टी के तेल) की आपूर्ति सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उन्हीं परिवारों को की जायेगी जिनके पास बिजली का कनेक्शन नहीं है। इस सम्बन्ध में केन्द्र सरकार राज्य की सरकारों को दिशा-निर्देश भेजने की तैयारी भी कर रही है। वे राज्य जिन्होंने 100% विद्युतीकरण का लक्ष्य हासिल कर लिया है को अब केरोसीन-मुक्त होने के लिए मदद की जायेगी। वहीं अन्य राज्यों को केरोसीन आवटंन के बजाय नकद सब्सिडी प्रदान की जायेगी जिससे वे अपने-अपने राज्यों में सोलर लाइट को बढ़ावा देने की कोशिश कर सकें। सरकार का यह निर्णय उस समय आया है जब वो कोशिश कर रही है कि सब्सिडी का बोझ कम हो। उल्लेखनीय है कि सब्सिडी वाले केरोसीन की आपूर्ति को कम करने का यह निर्णय 2011 की जनगणना से प्राप्त आंकड़े को देखते हुए लिया गया है जिसमें यह तथ्य सामने आया था कि अब केरोसीन भोजन पकाने के लिए लोगों का पसंदीदा ईंधन नहीं रह गया है। इसका प्रयोग अब मुख्यत: घर को प्रकाशित करने के विकल्प के तौर पर किया जाता है। जनगणना के अनुसार ग्रामीण अंचल के मात्र 2% परिवार मिट्टी के तेल का प्रयोग खाना पकाने के लिए करते हैं जबकि अधिकांश स्थानों पर LPG खाना पकाने का सर्वप्रमुख विकल्प बनकर उभरा है।
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8) भारत सरकार ने 5 दिसम्बर 2014 को विनिवेश (Disinvestment) के अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विनिवेश के एक नए दौर की शुरूआत एक प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के विनिवेश से की। इस दिन किस उपक्रम के 5% भाग का विनिवेश कर सरकार ने लगभग 27.5 करोड़ डॉलर की राशि प्राप्त की? – भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड (SAIL)
विस्तार: इस प्रकार भारत सरकार के विनिवेश के इस नए दौर के दौरान विनिवेशित की जाने वाली पहली कम्पनी SAIL बन गई। भारत सरकार की SAIL में 80% हिस्सेदारी है तथा इस विनिवेश के तहत सरकार ने स्टॉक एक्सचेंज में नीलामी के माध्यम से लगभग 20.65 करोड़ शेयर बेचने के लिए रखे। नीलामी में SAIL के एक शेयर का मूल्य 83 रखा गया था। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार का लक्ष्य था कि मार्च 2015 में समाप्त हो रहे वित्तीय वर्ष के दौरान वह सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के विनिवेश के माध्यम से लगभग 9.5 अरब डॉलर की धनराशि एकत्र करेगी। लेकिन नवम्बर के अंत तक विनिवेश की मात्रा लगभग नगण्य रही है और अब केन्द्र सरकार को अपने तय लक्ष्य को हासिल करने के लिए विनिवेश की प्रक्रिया को तेजी प्रदान करनी होगी।
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9) केन्द्र सरकार ने 3 दिसम्बर 2014 को देश के कर सम्बन्धी कानूनों (Tax Laws) में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया। इस समिति का अध्यक्ष किसे बनाया गया है? – अशोक लाहिरी – Ashok Lahiri (पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार)
विस्तार: उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने देश के आयकर कानूनों में पारदर्शिता लाने का भरोसा अपने बजट भाषण (2014-15) में दिलाया था। उसी घोषणा के तहत इस उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। यह समिति उद्योग व व्यापार जगत के प्रतिनिधियों से वार्ता कर यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि किस प्रकार के कानूनों के चलते उन्हें सर्वाधिक दिक्कत पेश आती है। इस समिति में शामिल अन्य सदस्य हैं – सिद्धार्थ प्रधान (Sidhartha Pradhan) और गौतम रे (Gautam Ray)।
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10) दिसम्बर 2014 के दौरान भारत सरकार ने कंस्ट्रक्शन (भवन-निर्माण) के क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के सम्बन्ध में क्या महत्वपूर्ण घोषणा की? - देश के कंस्ट्रक्शन (भवन-निर्माण) क्षेत्र में विदेशी निवेश के लिए घोषित लॉक-इन समयावधि को बढ़ा दिया गया है
विस्तार: 3 दिसम्बर 2014 को की गई घोषणा के अनुसार एक ओर जहाँ इस क्षेत्र में संलग्न विदेशी निवेश को न्यूनतम निर्धारित पूँजीकरण के तीन साल पहले निकासी की अनुमति नहीं होगी वहीं विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड (FIPB) की अनुमति से निवेशक इस क्षेत्र को छोड़ सकेगा।
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बैंकों के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी- सिर्फ 10 मिनट समय निकालकर अवश्य पढ़े ।।
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1. इन्टरनेट बैंकिंग सेवा शुरू करने वाला प्रथम बैंक – ICICI
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1. इन्टरनेट बैंकिंग सेवा शुरू करने वाला प्रथम बैंक – ICICI
2 ATM सेवा शुरू करने वाला प्रथम बैंक – HSBC
3. क्रेडिट कार्ड जारी करने वाला प्रथम बैंक – सेंट्रल बैंक ऑफ इन्डिया
4. भारत में खुलने वाला पहला विदेशी बैंक – Comptoire d’Escompte de Paris of France (सन् 1860 में खुला)
5. वर्तमान में कार्यरत भारत का सबसे पुराना बैंक – इलाहाबाद बैंक (Allahabad Bank)
6. बचत खाता (Savings Bank a/c) खोलने वाला भारत का प्रथम बैंक – प्रेसीडेंसी बैंक (Presidency Bank) द्वारा पहली बार सन् 1830 में बचत खाता खोला गया
7. चेक सिस्टम जारी करने वाला भारत का पहला बैंक – बंगाल बैंक (Bengal Bank) द्वारा पहली बार सन् 1784 में चेक सिस्टम जारी किया गया
8. विदेश में शाखा खोलने वाला भारत का प्रथम बैंक – बैंक ऑफ इन्डिया ने सन् 1946 में भारत के बाहर लंदन में पहली बार अपनी शाखा खोली
9. म्युचुअल फंड आरम्भ करने वाला प्रथम बैंक – भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India)
10. भारत में खुलने वाला पहला बैंक – बैंक ऑफ हिन्दुस्तान (सन् 1770 में खुला)
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